धौलपुर- गांधी पार्क बाड़ी में चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि मनाई गई जिसमें लोगों ने चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर प्रकाश डाला और उनकी देश भक्ति और शहादत को सलाम किया इस मौके पर बोलते हुए राकेश वर्मा ने कहां कि चंद्र शेखर आजाद ने भारत देश की आजादी का सपना देखा था और वह स्वयं अपने नाम के पीछे आजाद लगाते थे अंतिम क्षणों में जब लखनऊ के अल्फ्रेड पार्क में पुलिस और आजाद के बीच मुठभेड़ हुई तो उन्होंने आखरी गोली रहने पर अपनी कनपटी पर गोली मारकर शहीद हो गए और पुलिस के हवाले जिंदा नहीं मिल पाए इसके बाद महेंद्र सिंह परमार ने बताया कि जब भारत देश में आजादी की लड़ाई चल रही थी उस समय भारत में दो गुट थे एक नरम दल दूसरा गरम दल नरम दल का नेतृत्व महात्मा गांधी जी कर रहे थे और गरम दल का नेतृत्व चंद्र शेखर आजाद व बालगंगाधर तिलक व लालालाजपत राय कर रहे थे कुछ लोग गांधी जी के साथ थे और कुछ चंद्रशेखर आजाद के साथ थे जो लोग आजाद के साथ थे उनको क्रांतिकारी कहा जाता था और जो गांधी जी के साथ थे उन्हें गांधीवादी कहा जाता था ऐसी स्थिति में भगत सिंह राजगुरु सुखदेव अशफाक उल्ला खान आदि सभी ने मिलकर आजाद का सहयोग किया एवं उनके सपने को साकार किया और अंत में भारत को 15 अगस्त सन 1947 को आजादी मिली लेकिन हमारे देश की आजादी की लड़ाई मे जो लोग शहीद हुए थे उनका सपना अभी अधूरा रह गया है अब हमको आजादी की दूसरी लड़ाई लड़नी पड़ेगी पहले लड़े थे गोरों से अब लड़ेंगे देश के चोरों से इस मौके पर छिद्दू बाबा महेंद्र सिंह राकेश वर्मा वीरेंद्र दीक्षित अनूप शर्मा अंजनी पाराशर पवन भारद्वाज नरेंद्र गर्ग कान्हा शर्मा आदि लोग उपस्थित थे

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