इंदौर में बर्ड फ्लू के इंफ्लूएंजा एन5एच8 वायरस से पक्षियों की मौत लगातार जारी है। अब पशु चिकित्सा विभाग उन स्थानों को चिन्हित कर रहा है जहां कौओं की संख्या ज्यादा रहती है और कौए दाना चुगने आते हैं। शनिवार से वेटरनरी विभाग ने राजकुमार ब्रिज पर पानी में एंटी बायोटिक दवा मिलाकर रखी है जिससे जब कौए यहां पानी पीएं तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो सके। वेटरनरी विभाग के अधिकारियों के अनुसार इंदौर में नेहरू पार्क, उच्च न्यायालय और पत्थर गोदाम क्षेत्र में बड़ी संख्या में कौए हैं। कौए जंगली व सघन पेड़ों वाले इलाके में रहते हैं। यह शहरी बस्ती से दूर रहे है।
कौओं का व्यवहार भी ऐसा होता है कि वो जहां रहते हैं, तो यह जरूरी नहीं कि वहीं दाना चुगें। वो जिस भी क्षेत्र में दाना चुगने जाते हैं, संभव है वह क्षेत्र उनके रहने के क्षेत्र से दूर हो। यही कारण है कि इन पक्षियों को एंटी बायोटिक दवा देने का डेली कॉलेज में जो प्रयोग किया गया, उससे ज्यादा फायदा नहीं मिला। यही कारण है कि अब पशु चिकित्सा विभाग कौओं के उन स्थानों को खोजकर वहां पर पानी में और दाने में एंटी बायोटिक दवा डाल रहा है, जहां उनके खाने-पीने के लिए पहुंचने की संभावना अधिक रहती हो। इसके अलावा जो लोग नियमित रूप से यहां दाना-पानी डालते हैं, भी उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि 1 किलो दाने में 1 ग्राम और 1 लीटर पानी में 1 एमएल एंटी बायोटिक दवा डाली जाए और उसे कौए जहां दाना चुगते है, वहां रखा जाए।

No comments:
Post a Comment